पहला सबक
हाथ में गुलेल लिएएक शैतान बच्चागुजरा
गली सेऔर
गली के पुरानेमेहराबदार
मकानों कीमुँडेरों पर पसरे
कबूतरफुर्र से उड़ेऔर
गायब हो गएआकाश की
गहराइयों में कहींबस,
एक कौआ बैठा रहाघर
की अलगनी मेंकाँव-काँव
करताबच्चे को चिढ़ाता
कौआ जानता है-गुलेल से
पत्थर फेंकने कीसंपूर्ण प्रक्रियाशैतान
बच्चे कीलक्ष्यवेधी क्षमताऔर
आपातकाल मेंआपने बचाव के उपाय
कबूतर जानते हैं-भरपेट दाना
चुगनागुटरगूँ-गुटरगूँ करनाऊँचे
आकाश में उड़ान भरनाऔर
तीव्र गति से फेंके गएपत्थर
सेआहत हो धरती पर गिर
जानाइसके सिवा कुछ भी नहीं
मासूम कबूतरों की मृत देहों के
सहारेपरवान चढ़ी हैशैतान
बच्चे की क्रूरताअब उसकी
निगाहफुर्र से उड़ जानेवाले
कबूतरों पर नहींकौए की
चतुराई पर टिकी हैबच्चा
सीख रहा हैगुलेल को
पीठ के पीछेछुपाकरअपने
मासूम चेहरे कोमासूमियत
से ढाँपदुनियादार होने का पहले सबक
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